गीता – जयन्ती कार्यक्रम

दिनांक 01 दिसम्बर 2025 मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष को डी. बीः एसः कालेज कानपुर, संस्कृत विभाग द्वारा गीता जयन्ती का आयोजन किया गया, जिसमें डी. बी. एस. कालेज के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये श्रीमद्‌भगवद्गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि गीता हिन्दू धर्म का एक पवित्र एवं दार्शनिक ग्रन्थ है। गीता जीवन, धर्म, कर्तव्य और मोक्ष का समन्वय है और साथ में यह भी बतलाया कि गीता कर्मयोग, ज्ञानयोग भक्तियोग, ध्यानयोग जैसे विविध मार्गो को दर्शाती है। जिसमें अपने जीवन में चरितार्थ कर जीवन को सफल बना सकते है। संस्कृत विभाग की अध्यक्षा प्रो० प्रीति राठौर ने कहा कि गीता केवल अध्ययन का ग्रन्थ नहीं है अपितु जीवन जीने की साधना है। यदि हम अपने जीवन में गीता को उतार ले तो भय. मोह और दुर्बलताओं से ऊपर उठकर जीवन को सफल और सार्थक बना सकते हैं। संस्कृत विभाग की एसो०प्रो. डॉ० प्रत्यूष वत्सला द्विवेदी ने गीता के सारगर्भित श्लोकों का उच्चारण एवं वाचन कराया । अन्त में विद्यार्थियों द्वारा गीता के उद्‌देश्यों को लेकर एक रैली निकाली गई। इस कार्यक्रम में प्रो० राजीव कुमार, डॉ. अनुपम दुबे, डॉ. अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।

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